By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Naimuddin TVNaimuddin TVNaimuddin TV
Notification Show More
Font ResizerAa
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • STATES
    • Uttar Pradesh
    • Delhi
    • Maharashtra
    • Bihar
    • Other States
  • POLITICS
  • BUSINESS
  • TECHNOLOGY
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • MORE
    • EDUCATION
    • AUTOMOBILE
    • HEALTH
    • RELIGION / FAITH
    • SCIENCE & RESEARCH
    • LIFESTYLE
Reading: Vishwakarma Puja: विश्वकर्मा पूजा पर बन रहे 6 शुभ संयोग, जानें क्यों मनाया जाता है यह पर्व
Share
Font ResizerAa
Naimuddin TVNaimuddin TV
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • STATES
  • POLITICS
  • BUSINESS
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • TECHNOLOGY
  • AUTOMOBILE
  • EDUCATION
  • HEALTH
  • SCIENCE & RESEARCH
  • RELIGION / FAITH
  • LIFESTYLE
Search
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • STATES
    • Uttar Pradesh
    • Delhi
    • Maharashtra
    • Bihar
    • Other States
  • POLITICS
  • BUSINESS
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • TECHNOLOGY
  • AUTOMOBILE
  • EDUCATION
  • HEALTH
  • SCIENCE & RESEARCH
  • RELIGION / FAITH
  • LIFESTYLE
Have an existing account? Sign In
Follow US
Religion / Faith

Vishwakarma Puja: विश्वकर्मा पूजा पर बन रहे 6 शुभ संयोग, जानें क्यों मनाया जाता है यह पर्व

Shweta Media
Last updated: September 17, 2025 11:54 am
Shweta Media
Published: September 17, 2025
Share
SHARE

डेस्क। विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja) आज बुधवार, 17 सितंबर को है। इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा के लिए छह शुभ संयोग बन रहे हैं। इंदिरा एकादशी, कन्या संक्रांति, बुधवार व्रत, परिघ योग, पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र का संयोग। आज देवताओं के शिल्पी विश्वकर्मा की पूजा करने से कार्य में सफलता मिलेगी, आपके औजारों, उपकरणों और मशीनरी की रक्षा होगी और आर्थिक समृद्धि आएगी। विश्वकर्मा पूजा के दौरान औजारों, मशीनों, कलमों, स्याहीदानों, बहीखातों, वाहनों आदि की पूजा की जाती है।

इसे भी पढ़ें-लाल किले से पीएम मोदी ने तोड़ दिया इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड, किया ये काम

भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का प्रथम शिल्पकार, इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, विश्वकर्मा ने ब्रह्मांड का पहला मानचित्र बनाया था। उन्होंने स्वर्ग, यमपुरी, कुबेर की अलकापुरी, द्वारका और स्वर्ण नगरी लंका का निर्माण किया था। भगवान विश्वकर्मा ने भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र, भगवान शिव के त्रिशूल और इंद्र के वज्र सहित अनेक दिव्य अस्त्रों का निर्माण किया था। उन्होंने अनेक मंदिर, महल और दिव्य रथ भी बनाए थे।

शास्त्रों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मा जी का पुत्र माना गया है। ज्योतिषी बताते हैं कि पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु समुद्र में शेषनाग पर अवतरित हुए थे। कहा जाता है कि धर्म वास्तु के सातवें पुत्र थे, जिनका जन्म वास्तु नामक एक स्त्री से हुआ था, जो एक वास्तुकार की कल्पना थी। ऋषि विश्वकर्मा का जन्म वास्तुदेव की पत्नी अंगिरसी से हुआ। यह भी माना जाता है कि अपने पिता की तरह ऋषि विश्वकर्मा वास्तुकला के विशेषज्ञ थे। ऐसी मान्यता है कि ऋषि विश्वकर्मा ने भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र और भगवान शिव के त्रिशूल का निर्माण किया था। यह भी कहा जाता है कि विश्वकर्मा ने भगवान शिव के लिए लंका में स्वर्ण महल बनवाया था, जिसे महल पूजा के दौरान रावण ने दक्षिणा के रूप में ले लिया था।

ऐसे करें पूजा:

विश्वकर्मा पूजा से पहले प्रातः स्नान करें। इसके बाद अपनी दुकान, फैक्ट्री, वाहन आदि की सफाई करें। शुभ मुहूर्त में एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। उस पर विश्वकर्मा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इसके बाद चावल, धूप, दीप, चंदन, फूल, माला आदि अर्पित करके भगवान विश्वकर्मा की पूजा करें। उन्हें भोग लगाएं। इस दौरान भगवान विश्वकर्मा के मंत्र का जाप करें। फिर अपनी दुकान में तिजोरी, औज़ार, मशीनें, कलम, दवात, बहीखाते, वाहन आदि की पूजा करें। तिलक लगाएं। पूजा के अंत में हवन करें। अंत में भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना करें कि आपका कार्य बिना किसी बाधा और रुकावट के आगे बढ़े। आपका कार्य सफल हो। आरती के साथ पूजा का समापन करें और फिर प्रसाद वितरित करें।

भगवान विश्वकर्मा के प्रिय भोग:

इस दिन विश्वकर्मा को पंचामृत, मिठाई, मौसमी फल, नारियल, पान, सुपारी, इलायची, सूखे मेवे, पूरी-सब्ज़ी, खीर, हलवा, लड्डू आदि अर्पित करें।

Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष की हुई शुरुआत, जानें श्राद्ध की सभी तिथियां व महत्व
Radha Ashtami 2025: 30 या 31 अगस्त; जानें कब है राधाष्टमी? यहां दूर करें कन्फ्यूजन
Chandra Grahan 2025: कल लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण, इन जगहों पर दिखेगा ब्लड मून
Navratri 2025: जानिए महानवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि
Parivartini Ekadashi: जानें कब है परिवर्तनी एकादशी, इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में लेते हैं करवट
TAGGED:Indira EkadashiKanya SankrantiLord VishwakarmaVishwakarma PujaVishwakarma Puja Vidhi 2025
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Posts

  • IND vs PAK Final: चैंपियन बनने के बावजूद टीम इंडिया ने नहीं ली ट्रॉफी, सामने आई नकवी की ये हरकत

    8 views
  • Delhi Weather: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, जल्द होगी ठंड की एंट्री

    6 views
  • BSNL 4G: कल लॉन्च होगा बीएसएनएल का 'स्वदेशी' 4जी नेटवर्क, अब दुनिया देखेगी 'मेक इन इंडिया' की ताकत

    6 views
  • BCCI New President: मिथुन मन्हास बने बीसीसीआई के नए अध्यक्ष, एजीएम में पूरी टीम की हुई घोषणा

    5 views
  • RBI Report: पहले रिकॉर्ड हाई और फिर धड़धड़ाकर घटा भारत का स्वर्ण भंडार

    5 views

Recent Posts

  • अब बाइक से गिरने का नहीं होगा डर, OMOWAY कंपनी जल्द लाने वाली है सेल्फ-बैलेंसिंग इलेक्ट्रिक बाइक
  • लांच होते ही सस्ता हुआ Samsung Galaxy S25 Ultra, देखें कितनी गिरी कीमत
  • जल्द आने वाली है नई Maruti Suzuki Fronx, इन कारों की बढ़ने वाली है टेंशन
  • Xiaomi Watch S5 हुई लांच, स्मार्टवॉच में हेल्थ और फिटनेस फीचर्स की है भरमार
  • Mahindra के इस Editon पर मिल रहा कमाल का बायबैक ऑफर, देखें क्या है इसमें

About US

Naimuddin TV भारत का एक भरोसेमंद हिंदी समाचार प्लेटफॉर्म है। यहाँ आप ब्रेकिंग न्यूज़, ताज़ा खबरें, राजनीति, खेल, व्यापार और दुनिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पढ़ सकते हैं।
Quick Link
  • India
  • World
  • States
  • Politics
  • Sports
Top Categories
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

Subscribe US

Subscribe to get the latest news updates instantly.

© 2026 Naimuddin TV. All Rights Reserved.
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
Naimuddin TV Official News Website
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?