डेस्क। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध (US-Israel Iran War) का आज 18वां दिन है। मिडिल ईस्ट में लड़ाई और तेज हो गई। एक ओर जहां ईरान ने इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार को ड्रोन और रॉकेट से बड़ा हमला किया। जिससे इमारत से धुआं उठता देखा गया।
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वहीं दूसरी ओर इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में एयरस्ट्राइक (Israel Airstrikes Tehran) की । रिपोर्ट की माने तो, तेहरान के उत्तरी हिस्से में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। जिससे पूरा इलाका दहल उठा।
अमेरिकी दूतावास पर भीषण हमला:
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक बड़ा हमला किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दूतावास परिसर के अंदर आग लग गई। यह हमला तब हुआ जब विस्फोटक से भरे दो ड्रोन दूतावास परिसर के अंदर जा गिरे, और उनके फटने से आग भड़क उठी। यह घटना बगदाद के “ग्रीन जोन” में स्थित अमेरिकी दूतावास में हुई। यह एक ऐसा इलाका है जिसे अत्यधिक सुरक्षित माना जाता है।
ईरानी ड्रोन को नहीं रोक सकी सुरक्षा प्रणाली:
सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम से मंगलवार सुबह के शुरुआती घंटों के बीच दूतावास पर कई हमले किए गए। सामने आए वीडियो फुटेज में एक ड्रोन को दूतावास परिसर के बहुत करीब फटते हुए दिखाया गया है, जिससे पता चलता है कि एक ही रात में कई बार सुरक्षा घेरे को तोड़ा गया। हालांकि, दूतावास की सुरक्षा प्रणाली ड्रोन को रोकने में विफल रही। हमले के दौरान, पूरे परिसर में तुरंत सायरन बजने लगे। सूत्रों के अनुसार, रक्षा प्रणाली आने वाले ड्रोन को रोकने में असमर्थ थी। हमले के परिणामस्वरूप किसी के हताहत होने की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं है, हालांकि आग के कारण दूतावास की इमारतों और अन्य सुविधाओं को भारी नुकसान हुआ है।

अत्यधिक सुरक्षित माना जाता है बगदाद:
दरअसल, बगदाद का ग्रीन ज़ोन एक बेहद सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। इस इलाके में इराक की सरकारी इमारतें, संसद और कई विदेशी दूतावास स्थित हैं, जिनमें अमेरिकी दूतावास भी शामिल है। हालांकि, हाल के वर्षों में इस क्षेत्र को अक्सर रॉकेट और मोर्टार हमलों का निशाना बनाया गया है। इसके अलावा, सोमवार को इराक के अर्धसैनिक बल ‘पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज’ (PMF) ने दावा किया कि पश्चिमी प्रांत अनबार में हुए एक इज़रायली हमले में उसके छह सदस्य मारे गए और चार अन्य घायल हो गए।
इजरायल ने तेहरान-लेबनान पर की एयरस्ट्राइक:
इस बीच इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में एयरस्ट्राइक की। रिपोर्ट की माने तो, तेहरान के उत्तरी हिस्से में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। जिससे पूरा इलाका दहल उठा। इससे पहले इजरायली वायु सेना ने रविवार सुबह दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों और गांवों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में तैबेह कस्बा भी शामिल था, जहां गोलाबारी भी हुई।
लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) के अनुसार, इजरायली विमानों ने मजादेल और जिब्बेन इलाकों पर भी बमबारी की। अब तक, इन हमलों के कारण किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।
ईरान में अब तक 4,765 लोग हताहत:
बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है। मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’ (HRANA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष के पहले दो हफ़्तों के दौरान ईरान में लगभग 4,765 लोग मारे गए या घायल हुए। इस आंकड़े में 205 बच्चे भी शामिल हैं। इस दौरान अस्पतालों, स्कूलों और घरों को भी नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 20 अस्पताल, 36 स्कूल और 98 रिहायशी इलाके प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, लगभग 32 लाख लोगों को अपने घर छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा है। HRANA का कहना है कि इन दो हफ़्तों के दौरान पूरे देश में 5,000 से ज़्यादा हमले हुए। कई जगहों पर एक ही समय में कई हमले हुए, जिससे स्थिति और भी ज़्यादा बिगड़ गई।
दो दिन पहले भी हुआ था हमला:
शनिवार, 14 मार्च 2026 को भी ईराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास के परिसर पर एक मिसाइल ने हेलिपैड को निशाना बनाया, जिससे वहां जोरदार विस्फोट हुआ। इस हमले के बाद दूतावास परिसर के ऊपर गहरे और घने काले धुएं का विशाल बादल छा गया, जो दूर से ही दिखाई दे रहा था।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जब बगदाद में अमेरिकी दूतावास से उठते धुएं की तस्वीरें सामने आ रहीं थीं, उसी दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह पोर्ट के समीप एक ऑयल फैसिलिटी में भी आग लगने की सूचना मिली। अधिकारियों ने बताया कि यह आग तब लगी जब ईरानी ड्रोन को रोकने (इंटरसेप्ट) के प्रयास में उसका मलबा ऑयल फैसिलिटी पर गिर गया। ये घटनाएं उस समय हुई हैं, जब पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां काफी तेज़ी से बढ़ रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर स्थित उन सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है, जो ईरान के तेल निर्यात के लिए एक प्रमुख केंद्र माने जाते हैं।


