ताईवान। दुनिया का सबसे खतरनाक तूफान रागासा (Typhoon Ragasa) इस समय हांगकांग-ताइवान से लेकर चीन तक जमकर तबाही मचा रहा है। यह तूफान इतना भयानक है कि 200 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज़्यादा की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने हांगकांग को थम सा गया है। हांगकांग- ताइवान से लेकर चीन तक तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। यह तूफान कई जान ले चुका है जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं।
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दुनिया के सबसे खतरनाक तूफान रगासा इस वक्त तबाही ला रहा है। यह तूफान हांगकांग, ताइवान और चीन तक फैल कर असर डाल रहा है। इतनी तीव्रता वाला यह तूफान 205 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण हांगकांग ठप पड़ चुका है, वहीं हांगकांग से चीन तक तबाही की तस्वीर साफ दिख रही है। ताइवान में इस तूफान ने अब तक 14 लोगों को अपनी चपेट में लिया है। तूफान की बाढ़ में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, और 124 लोग अभी भी लापता हैं। फिलीपींस में भी अब तक 3 मौतें दर्ज की गई हैं। आज सुबह से ही हांगकांग में तेज हवाएं चल रही हैं, जिसने कई पेड़ों को गिरा दिया है और घरों को नुकसान पहुँचाया है। दो नदियों और समुद्र तट के आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया है। तूफान के चलते अब तक हांगकांग में 13 लोग घायल हो चुके हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक रागासा तूफान की चपेट में आने से ताइवान में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, साथ ही 124 अभी लापता हैं। तूफान का कहर ताइवान के पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। मंगलवार दोपहर को भारी बारिश के चलते ताइवान के हुआलिएन काउंटी में एक झील का बांध टूटने से बाढ़ आ गई। जिससे 14 लोगों की मौत हो गई।
हांगकांग में तूफान ने मचाई तबाही:
रागासा तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही हांगकांग में मचाई है। यहां 200 की रफ्तार से चल रही तेज हवाएं और भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर पूरी तरह से बंद हो गया, 700 से ज़्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं। शहर में अफरा-तफरी हुई है। सभी स्कूल-कॉलेज को बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
Typhoon Ragasa का भारत पर क्या पड़ेगा असर:
दरअसल सुपर टाइफून रागासा चीन की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों को खाली कराना पड़ रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह तूफ़ान भारत में भी दस्तक दे सकता है? फ़िलहाल, यह ताइवान, हांगकांग और दक्षिणी चीन के तटीय इलाकों में तबाही मचा रहा है, लेकिन भारत को इससे कोई सीधा खतरा होने की आशंका नहीं है। तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और भारत से काफी दूर है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में मौसम में बदलाव हो सकता है। हालांकि, आईएमडी ने अभी तक कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।
हांगकांग में सुपर टाइफून रगासा के असर से स्थिति बिगड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार रगासा बुधवार सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच शहर के सबसे करीब होगा। रात भर मौसम तीव्र गति से बदला; हवाएं अचानक तेज़ हो गईं और पहले समुद्रतट और ऊंचे इलाकों में इसका प्रभाव दिख। ऑब्ज़र्वेटरी ने चेतावनी दी है कि लगातार भारी बारिश, तेज़ हवा के कारण तटों पर ऊँची लहरें उठ सकती हैं और पानी का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ सकता है। लोगों से घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। तूफान से निपटने के लिए शहर भर में पहले से ही कई तैयारी कर ली गई हैं। मंगलवार को लगभग 600 उड़ानें रद्द कर दी गईं, सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

इस तूफान के खतरे को भांपते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। चीन के ग्वांगडोंग प्रांत, जिसे देश की आर्थिक ताकत माना जाता है, में अब तक एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। चीन के राष्ट्रीय मौसम एजेंसी के अनुसार सुपर टाइफून बुधवार दोपहर से शाम के बीच ताईशान और झानजियांग शहरों के बीच टकरा सकता है। एहतियात के तौर पर दर्जनभर शहरों में स्कूल, फैक्टरियाँ और यातायात सेवाएं बंद कर दी गई हैं। दक्षिणी चीन के लोग और अधिकारी सुपर टाइफून रगासा के पूरी ताकत से टकराने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। यह हाल के वर्षों में इस क्षेत्र से टकराने वाला सबसे शक्तिशाली तूफान बताया जा रहा है। चीन के राष्ट्रीय मौसम केंद्र के अनुसार कहा गया है कि तूफान के साथ हवाओं की रफ्तार 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, बारिश 25 से 45 सेंटीमीटर (9 से 17 इंच) तक हो सकती है और लहरें 7 मीटर (23 फीट) तक ऊंची उठ सकती हैं। अब तक प्रांत भर में 3,71,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
कहाँ से शुरू हुआ तूफान?
Earth Observatory के अनुसार, तूफान रगासा 18 सितंबर को पश्चिमी प्रशांत महासागर में, फिलीपींस के पूर्व में कुछ सौ मील की दूरी पर शुरु हुआ। धीरे-धीरे ताकत पकड़ते हुए यह कैटेगरी-5 का सुपर टाइफून बन गया। 21 सितंबर की रात इसे लगातार चलने वाली हवाओं की रफ्तार 145 नॉट्स (270 किमी/घंटा या 165 मील/घंटा) तक पहुँची। 22 सितंबर को इसने फिलीपींस के उत्तरी लूज़न द्वीप को भारी नुकसान पहुँचाया, जिससे बाढ़ आई और फसलों, संपत्ति आदि को नुकसान हुआ। उल्लेख है कि 21 सितंबर को इसे अभी तक का 2025 का सबसे शक्तिशाली टाइफून कहा गया।
वहीं तूफान के खतरे को देखते हुए दक्षिणी चीन के कई शहरों में स्कूल, ऑफिस और बाजार बंद कर दिए गए हैं। हांगकांग में नंबर आठ का तूफान अलर्ट जारी किया गया है, जो शहर की मौसम चेतावनी प्रणाली का तीसरा सबसे ऊंचा स्तर है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि समुद्र का जलस्तर 2-3 मीटर तक बढ़ सकता है और लहरें तट से टकराते हुए खतरनाक रूप ले सकती हैं। सुरक्षा के मद्देनजर लोग खिड़कियों और कांच के दरवाजों को टेप से सील कर रहे हैं, घरों के सामने बालू की बोरियां रखी जा रही हैं और बाजारों में जरूरी सामान की तेजी से खरीदारी हो रही है।

