श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सेना ने आतंक के “human GPS” नाम से प्रसिद्ध बागू खान उर्फ समंदर चाचा को गुरेज क्षेत्र में ढेर कर दिया है। इसके बाद अब 100 से अधिक घुसपैठ की कोशिशों में उसकी दशकों पुरानी भूमिका का आखिरकार अंत हो गया। बागू खान, जिसे समंदर चाचा के नाम से भी जाना जाता है, 1995 से पीओके में रह रहा था। घुसपैठ के सबसे पुराने और सबसे सक्रिय मददगारों में से एक माने जाने वाले बागू खान को नौशेरा नार क्षेत्र से घुसपैठ की कोशिश के दौरान एक अन्य आतंकवादी के साथ मार गिराया गया।
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सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, वह गुरेज सेक्टर के विभिन्न इलाकों से 100 से अधिक घुसपैठ की कोशिशों में मददगार रहा, और इनमें से अधिकांश सफल रहीं, क्योंकि उसे इस क्षेत्र के कठिन इलाके, दुर्गम रास्तों और गुप्त मार्गों की गहरी जानकारी थी। यही वजह है कि वह सभी आतंकी समूहों के लिए एक खास बनावट बन गया था।
छले तीन सालों के दौरान वह गुरेज सेक्टर के कई इलाकों से 100 से अधिक घुसपैठों को अंजाम देने में शामिल रहा है। उसे इस क्षेत्र के गुप्त रास्तों और विपरीत परिस्थितियों में क्या करना है, इसकी पूरी जानकारी थी। यही वजह थी कि वह सभी आतंकी समूहों के लिए खास माना जाता था। जब वह हिजबुल कमांडर बना, तब उसने नियंत्रण रेखा पर गुरेज और पड़ोसी क्षेत्रों से घुसपैठ की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में आतंकवादी संगठन की मदद की थी। सुरक्षाबलों के साथ काफ़ी वर्षों तक संघर्ष करने के बाद बांदीपुरा में घुसपैठ की कोशिश के दौरान आतंकी बागू खान को सेना ने मार गिराया। इस मुठभेड़ में एक अन्य आतंकी भी मारा गया। बागू खान की मौत इलाके में फैले आतंकवादी संगठनों के लॉजिस्टिक नेटवर्क के लिए एक बड़ा धक्का है।

जानकारी के अनुसार बांदीपुरा जिले के गुरेज सेक्टर में इस आतंकी को मारा गया है। दरअसल नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा बलों ने गुरुवार (28 अगस्त 2025) को बागू घुसपैठ की कोशिश करते आतंकियों को रोकने के लिए अभियान शुरू किया था। खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके में आतंकियों की खोजबीन जारी रखी। इस दौरान बागू खान समेत एक अन्य आतंकी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। इसके अगले दिन, 29 अगस्त की सुबह तक इलाके में गोलीबारी और तलाशी अभियान जारी रहा।

