स्पोर्ट्स डेस्क। पूर्व विश्व चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता भारत की मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने सोमवार को अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (Commonwealth Weightlifting Championship) में गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस स्वर्ण पदक के साथ, चानू ने ग्लासगो में होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ खेलों के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया।
इसे भी पढ़ें-वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड की टीम ने भारत में डाला डेरा, CSK एकेडमी में करेगी प्रैक्टिस
मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। चानू ने न केवल कुल 193 किलोग्राम (84 किलोग्राम स्नैच + 109 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता, बल्कि स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल भार में नए कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी बनाए। मलेशिया की आइरीन हेनरी (161 किलोग्राम) ने रजत और वेल्स की निकोल रॉबर्ट्स (150 किलोग्राम) ने कांस्य पदक जीता। मीराबाई चानू पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार किसी बड़े मंच पर थीं। लंबे समय के बाद उनकी वापसी स्वर्णिम रही।

दरअसल पेरिस ओलंपिक के बाद से मीराबाई चानू चोट के कारण कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाईं। चानू पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने से भी चूक गईं। 49 किलोग्राम वर्ग में 199 किलोग्राम (88 किलोग्राम स्नैच + 111 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) वजन उठाने के बावजूद वह पदक से चूक गईं। अंतर्राष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ ने 49 किलोग्राम वर्ग को हटा दिया है। इस वजह से चानू 48 किलोग्राम वर्ग में वापस आ गईं। चानू ने 2018 में इसी भार वर्ग में हिस्सा लिया था। वह इस भार वर्ग में विश्व चैंपियन रह चुकी हैं।
महिला 48 किग्रा वर्ग में चानू स्नैच के पहले प्रयास में 84 किग्रा का वजन उठाने में वह लड़खड़ा गईं, दाहिने घुटने में उन्हें हल्का दर्द भी महसूस हुआ। इसके बावजूद दूसरे प्रयास में उन्होंने उतना ही वजन सफलतापूर्वक उठाया और अपना सर्वश्रेष्ठ स्नैच (84 किग्रा) पूरा किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 87 किग्रा उठाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले 105 किग्रा और फिर दूसरे प्रयास में 109 किग्रा उठाया। हालांकि 113 किग्रा के आखिरी प्रयास में वह सफल नहीं रहीं, लेकिन उनका कुल स्कोर स्वर्ण पदक जीतने के लिए पर्याप्त रहा।


