हैदराबाद। तेलंगाना से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के नेतृत्व वाली बीआरएस से निलंबन के एक दिन बाद वरिष्ठ नेता के. कविता (K. Kavitha) ने बुधवार को पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने अपने चचेरे भाई और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव को आड़े हाथो लिया। उन्होंने किसी राजनीतिक अन्य दल में शामिल नहीं होने की बात कही है। वह समर्थकों के साथ उचित चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय करेंगी। उन्होंने हरीश राव पर केसीआर परिवार के विरुद्ध साजिश रचने का आरोप लगाया।
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इसके साथ ही कविता ने विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है और इशारा किया है कि उनके पिता केसीआर के खिलाफ कार्रवाई के लिए उन पर दबाव था। अपने समर्थकों के साथ यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए 47 वर्षीय पूर्व सांसद ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता हरिश राव पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के साथ मौन सहमति बनाने का आरोप लगाया। कविता ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी पद की चाह नहीं रखी है। वह विधान परिषद अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेजेंगी… साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे केसीआर को बीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा भेजेंगी।

कविता ने हैदराबाद में एक बयान देते हुए कहा कि उनकी रिहाई के बाद से वह जनता के मुद्दों के लिए लगातार लड़ रही हैं। इसी बीच उनके भाई रामा राव ने उनका साथ नहीं दिया जब उनके खिलाफ एक बदनाम करने वाली मुहिम चलाई गई। कविता ने कहा, “मैं भाई केटीआर से मिली। मैंने उन्हें मेरी खिलाफ चला रही साजिशों और झूठे अभियानों के बारे में बताया। मैंने उनसे अनुरोध किया, न सिर्फ एक बहन के रूप में, बल्कि पार्टी की MLC के रूप में भी, पर उन्होंने थोड़ी भी परवाह नहीं की। उन्होंने मुझे फोन तक नहीं किया।”
कविता ने कहा कि उनके भाई के. टी. रामाराव को हरीश राव की कथित साजिशों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने यह दावा किया कि जब उनके खिलाफ दुश्मनाना अभियानों की शुरुआत हुई तो उनके भाई ने उनका साथ नहीं दिया। कविता ने यह भी आरोप लगाया कि कालेश्वरम सिंचाई परियोजना में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केसीआर के विरुद्ध केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की कार्रवाई उनकी चचेरे भाइयों, हरीश राव और संतोष राव के भ्रष्टाचार से प्रेरित थी।

