By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Naimuddin TVNaimuddin TVNaimuddin TV
Notification Show More
Font ResizerAa
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • STATES
    • Uttar Pradesh
    • Delhi
    • Maharashtra
    • Bihar
    • Other States
  • POLITICS
  • BUSINESS
  • TECHNOLOGY
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • MORE
    • EDUCATION
    • AUTOMOBILE
    • HEALTH
    • RELIGION / FAITH
    • SCIENCE & RESEARCH
    • LIFESTYLE
Reading: दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को इस काम के लिए दिया 5 अप्रैल तक का समय
Share
Font ResizerAa
Naimuddin TVNaimuddin TV
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • STATES
  • POLITICS
  • BUSINESS
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • TECHNOLOGY
  • AUTOMOBILE
  • EDUCATION
  • HEALTH
  • SCIENCE & RESEARCH
  • RELIGION / FAITH
  • LIFESTYLE
Search
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • STATES
    • Uttar Pradesh
    • Delhi
    • Maharashtra
    • Bihar
    • Other States
  • POLITICS
  • BUSINESS
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • TECHNOLOGY
  • AUTOMOBILE
  • EDUCATION
  • HEALTH
  • SCIENCE & RESEARCH
  • RELIGION / FAITH
  • LIFESTYLE
Have an existing account? Sign In
Follow US
BREAKING NEWSDelhiINDIAPoliticsStates

दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को इस काम के लिए दिया 5 अप्रैल तक का समय

Shweta Media
Last updated: March 16, 2026 3:40 pm
Shweta Media
Published: March 16, 2026
Share
SHARE

Arvind Kejriwal: नई दिल्ली। नई दिल्ली में कथित दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मामले में Arvind Kejriwal और Manish Sisodia को Delhi High Court से राहत नहीं मिली है। अदालत ने दोनों नेताओं को 5 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 अप्रैल को तय की गई है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस Swarna Kanta Sharma की एकल पीठ कर रही है।

इसे भी पढ़ें-Delhi School: दिल्ली के कई स्कूलों को फिर बम से उड़ाने की धमकी, केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अब तक प्रतिवादियों की ओर से औपचारिक जवाब दाखिल नहीं किया गया है। इस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जवाब 5 अप्रैल तक हर हाल में दाखिल किया जाना चाहिए। यह मामला कथित दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़ी उस याचिका से संबंधित है, जिसमें Central Bureau of Investigation (सीबीआई) ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। एजेंसी का कहना है कि मामले में निचली अदालत का आदेश न्यायसंगत नहीं था और इस पूरे मामले की विस्तृत सुनवाई जरूरी है।

अदालत में केस की सुनवाई के दौरान क्या कुछ हुआ?

अदालत में सुनवाई के दौरान Arvind Kejriwal की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता N. Hariharan पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को Supreme Court of India में चुनौती दी गई है। इस आधार पर उन्होंने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया। अदालत ने इस दौरान पूछा कि क्या प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए और समय चाहिए। इस पर केजरीवाल और सिसोदिया की ओर से समय की मांग की गई।

सीबीआई ने जताई आपत्ति:

सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta अदालत में पेश हुए। उन्होंने प्रतिवादियों को समय देने का विरोध करते हुए कहा कि इस तरह की प्रवृत्ति अब एक चलन बनती जा रही है। मेहता ने अदालत में कहा कि प्रतिवादी पहले गंभीर आरोप लगाते हैं और फिर अदालत में जवाब देने से बचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मुकदमेबाजों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल न्याय व्यवस्था और जांच एजेंसी दोनों के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित दिखाई देते हैं। उनके अनुसार मामले में सभी रिकॉर्ड अदालत के सामने रखकर सुनवाई होनी चाहिए ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

बचाव पक्ष ने मांगा मौका:

इसके जवाब में केजरीवाल के वकील ने अदालत से कहा कि वे केवल जवाब दाखिल करने के लिए उचित अवसर मांग रहे हैं। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि इस मामले से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी उठाया गया है। इस पर अदालत ने कहा कि वह यह दर्ज कर रही है कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है और अदालत को इस बारे में सूचित किया गया है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जवाब दाखिल करने की समयसीमा का पालन करना होगा।

अदालत का स्पष्ट निर्देश:

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने आदेश में कहा कि प्रतिवादी 5 अप्रैल तक हर हाल में अपना जवाब दाखिल करें। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी, जहां अदालत सीबीआई की याचिका और प्रतिवादियों के जवाब पर आगे की सुनवाई करेगी। दिल्ली की शराब नीति से जुड़ा यह मामला पहले से ही राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस केस में कई जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं और अदालतों में अलग-अलग स्तर पर सुनवाई जारी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई इस मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है, क्योंकि अदालत में दोनों पक्षों के तर्क और दस्तावेजों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

क्या है दिल्ली शराब घोटाला केस:

दिल्ली सरकार ने नवंबर 2021 में अपनी आबकारी नीति में बदलाव का फैसला लेकर चोरी पर अंकुश लगाने और राजस्व बढ़ाने की पहल की थी। उस समय, राजधानी में शराब की खुदरा बिक्री का प्रबंधन सरकारी निगमों और निजी कंपनियों के बीच समान रूप से किया जाता था, जिससे आबकारी विभाग को सालाना लगभग 4,500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था।

नवीनतम दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के लागू होने के बाद, सरकार ने खुदरा बिक्री का पूरी तरह से निजीकरण करने का निर्णय लिया। इस कदम का उद्देश्य आबकारी चोरी और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाना था, साथ ही राजस्व को बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये तक ले जाना था। इस नीति के तहत यह सुनिश्चित किया गया कि शहर के 272 नगरपालिका वार्डों में कम से कम दो शराब की दुकानें उपलब्ध हों।

ये था पूरा मामला:

सीबीआई और ईडी ने आरोप लगाया है कि आबकारी नीति में संशोधन के दौरान गंभीर अनियमितताएं की गईं, जिससे लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ प्राप्त हुआ। मामले में कहा गया कि लाइसेंस शुल्क माफ या कम कर दिया गया और बिना सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के एल-1 लाइसेंस का विस्तार किया गया।

आरोप है कि इन लाभार्थियों ने संबंधित अधिकारियों को अवैध धनराशि प्रदान की और इस लेन-देन को छिपाने के लिए अपने खातों में झूठी प्रविष्टियां कीं। साथ ही, यह भी दावा किया गया है कि आबकारी विभाग ने नियमों का उल्लंघन करते हुए एक सफल निविदाकर्ता को लगभग 30 करोड़ रुपये की बयाना राशि वापस करने का अनुचित निर्णय लिया।

इसके अलावा, कोरोना महामारी को देखते हुए 28 दिसंबर 2021 से 27 जनवरी 2022 तक निविदा लाइसेंस शुल्क में छूट दी गई। इस फैसले से सरकारी खजाने को 144.36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल की सिफारिश पर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई की जांच के आधार पर ईडी ने मामला दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू की।

Karur Stampede: मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजे की घोषणा, भगदड़ के बाद विजय ने दिया बयान
LPG Crisis: मुंबई-यूपी और बिहार में भारी मात्रा में गैस सिलेंडर जब्त, जमकर हो रही थी कालाबाजारी
कल उत्तराखंड जाएंगे PM Modi, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का करेंगे दौरा
Aacharya Devvrat: महाराष्ट्र के राज्यपाल राधाकृष्णन ने दिया इस्तीफा, अब इनको मिला अतिरिक्त प्रभार
उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले BJP की कार्यशाला में बना मेगा प्लान, सबसे पीछे बैठे दिखे PM मोदी
TAGGED:Arvind KejriwalDelhi High CourtDelhi Liquor Policy CaseJustice Swarna Kanta SharmaManish Sisodia
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About US

Naimuddin TV भारत का एक भरोसेमंद हिंदी समाचार प्लेटफॉर्म है। यहाँ आप ब्रेकिंग न्यूज़, ताज़ा खबरें, राजनीति, खेल, व्यापार और दुनिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पढ़ सकते हैं।
Quick Link
  • India
  • World
  • States
  • Politics
  • Sports
Top Categories
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

Subscribe US

Subscribe to get the latest news updates instantly.

© 2026 Naimuddin TV. All Rights Reserved.
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
Naimuddin TV Official News Website
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?