मुंबई। मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार (stock market) ने मंगलवार को सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का भरोसा साफ नजर आया, जिससे प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। बीएसई सेंसेक्स 323.83 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,826.68 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 84.40 अंक यानी 0.36 प्रतिशत चढ़कर 23,493.20 पर कारोबार करता दिखा।
इसे भी पढ़ें-Stock market: शेयर बाजार में चौथे दिन गिरावट, आईटी शेयरों पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत:
बाजार में इस तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत रहे। खासतौर पर अमेरिकी बाजारों में मजबूती और एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख भारतीय निवेशकों के लिए उत्साहजनक रहा। शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी मेटल और डिफेंस सेक्टर में देखने को मिली। निफ्टी मेटल और निफ्टी डिफेंस इंडेक्स टॉप गेनर्स में शामिल रहे। इन सेक्टर्स में खरीदारी बढ़ने से बाजार को मजबूती मिली।
इसके अलावा कमोडिटीज, एनर्जी, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयर भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे व्यापक बाजार को समर्थन मिला। हालांकि, सभी सेक्टर्स में तेजी नहीं रही। आईटी, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस, ऑटो, एफएमसीजी, सर्विसेज और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला। इन क्षेत्रों में बिकवाली के कारण बाजार की तेजी थोड़ी सीमित रही।
टॉप गेनर्स और लूजर्स कंपनियों के शेयर:
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में इटरनल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, टाटा स्टील, इंडिगो, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड और एक्सिस बैंक जैसे शेयर बढ़त में रहे। इन कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बजाज फिनसर्व जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। आईटी और बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी ने बाजार के संतुलन को प्रभावित किया।
लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का हाल:
लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 48 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 54,663 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 12 अंक यानी 0.08 प्रतिशत चढ़कर 15,822 पर कारोबार कर रहा था।

इससे साफ है कि व्यापक बाजार में भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के आंकड़ों के अनुसार, खबर लिखे जाने तक करीब 51.48 प्रतिशत शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 43.78 प्रतिशत शेयरों में गिरावट रही और 4.74 प्रतिशत शेयर बिना किसी बदलाव के रहे। यह दर्शाता है कि बाजार में खरीदारी का दबदबा थोड़ा अधिक था।
विदेशी बाजारों की स्थिति:
एशियाई बाजारों की बात करें तो टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, सियोल और जकार्ता के बाजारों में तेजी देखी गई, जबकि शंघाई का बाजार लाल निशान में रहा। वहीं, अमेरिकी बाजार सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे। डाओ जोंस इंडेक्स में 0.83 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक में 1.22 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी।
हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला जारी है, जो बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 9,365.52 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 12,593.36 करोड़ रुपये का निवेश किया। डीआईआई की मजबूत खरीदारी ने बाजार को गिरावट से बचाने में अहम भूमिका निभाई।
सबसे ज्यादा इनकी हुई खरीदारी:
आज के कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से अधिकांश शेयर हरे निशान के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी Ultratech Cement, Trent, HDFC Bank, M&M और Eternal जैसे शेयरों में रही। दूसरी ओर, BEL, Sun Pharma, Power Grid, Bharti Airtel और NTPC जैसे शेयर प्रमुख गिरावट दर्ज करने वालों में शामिल रहे।
एनएसई पर मिड और स्मॉल कैप शेयरों में दबाव नजर आया। इस कारण निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.26 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 0.44 प्रतिशत की कमी देखी गई।
हफ्ते के पहले दिन ऐसा था बाजार का हाल:
भारतीय बाजार के लिए सप्ताह की शुरुआत शानदार रही। कारोबार के दौरान हालांकि एक वक्त ऐसा भी आया जब गिरावट ने निवेशकों को चिंतित कर दिया, लेकिन इसके बाद लिवाली का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ जो बाजार बंद होने तक जारी रहा। सेंसेक्स 938.93 अंकों की बढ़त दर्ज करते हुए 75,502.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 257.70 अंकों की तेजी के साथ 23,408.80 पर पहुंच गया।
कल के कारोबार में अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील और एचडीएफसी बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों के दम पर बाजार को मजबूती मिली। बैंकिंग और मेटल सेक्टर में वैल्यू बाइंग के चलते इंडेक्स निचले स्तरों से उबरने में कामयाब रहा। खासतौर पर, बैंकिंग सेक्टर में अंतिम घंटों में हुई जोरदार खरीदारी ने सेंसेक्स को 900 अंकों से अधिक ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अचानक क्यों आयी रिकवरी:
दरअसल, The Wall Street Journal की एक रिपोर्ट ने बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका जल्द ही यह घोषणा कर सकता है कि कई देशों ने मिलकर एक गठबंधन बनाने पर सहमति की है। इस गठबंधन का उद्देश्य जहाजों को सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से गुजरने में सहायता प्रदान करना होगा। साथ ही, लंबे समय से जारी गिरावट के बाद आज वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली, जिसने बाजार को सहारा दिया।


