तेहरान। अमेरिकी सेना ने ईरान के एक महत्वपूर्ण द्वीप खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं सोशल मीडिया पर इस हमले की घोषणा करते हुए इसे मध्य पूर्व में अमेरिका द्वारा किए गए सबसे बड़े हमलों में से एक बताया। उन्होंने खर्ग द्वीप को ईरान का “सबसे अनमोल रत्न” बताया और चेतावनी दी कि दोबारा हमले में द्वीप के तेल ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।
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ट्रम्प ने इसे क्षेत्र के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर द्वीप के तेल बुनियादी ढांचे पर हमला नहीं किया। डोनाल्ड ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी हथियार दुनिया में सबसे शक्तिशाली और उन्नत हैं। इस बीच अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में 2,500 मरीन और एक युद्धपोत तैनात करने का आदेश दिया है। इसके अलावा तेहरान में फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित वार्षिक रैली के दौरान एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिसमें हजारों लोग इकट्ठा हुए थे। आपको बता दें कि पहले ही इज़राइल ने मध्य तेहरान के इस क्षेत्र पर हमले की चेतावनी दी थी।
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज ठप:
ईरान इज़राइल और पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया है, जिससे दुनिया के 20% तेल व्यापार का आवागमन होता है। इसके बावजूद, अमेरिकी और इज़राइली युद्धक विमान ईरानी सैन्य और अन्य ठिकानों पर बमबारी करना जारी रखे हुए हैं।
खर्ग द्वीप पर हमले पर ईरान ने दी ये प्रतिक्रिया:
हालांकि ईरान ने खर्ग द्वीप सैन्य अड्डे पर अमेरिकी हमले की कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरान के केंद्रीय कमान के प्रवक्ता ने कहा कि अगर उसके तेल, आर्थिक या ऊर्जा केंद्रों पर हमला हुआ तो ईरान तुरंत जवाबी कार्रवाई करेगा। ईरान के खातम अल अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के एक प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जवाबी हमले उन क्षेत्रीय केंद्रों को निशाना बनाएंगे जिनका अमेरिका से संबंध है।
ईरान के सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि यदि उसके देश के भीतर स्थित तेल, आर्थिक या ऊर्जा संरचनाओं पर हमला होता है, तो पूरे क्षेत्र में उन ठिकानों को लक्षित किया जाएगा जो अमेरिकी कंपनियों से जुड़े हैं या वाशिंगटन के सहयोग से कार्य कर रहे हैं। खातम अल अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि ईरान पर ऐसे किसी भी हमले का तुरंत जवाब दिया जाएगा, जिसमें समान प्रकृति के ढांचों को निशाना बनाया जाएगा। इसके तहत उन कंपनियों के ठिकाने भी आ सकते हैं जिनमें अमेरिका की हिस्सेदारी हो या जो अमेरिका के क्षेत्रीय अभियानों का समर्थन करती हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि खर्ग द्वीप पर स्थित ईरानी तेल सुविधाओं पर हमला गंभीर परिणाम ला सकता है। इस स्थिति में प्रतिक्रिया स्वरूप होर्मुज जलडमरूमध्य या खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचों पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू हो सकते हैं। इसके ठीक एक दिन पहले, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे पर मामूली हमला भी हुआ तो वह पूरे क्षेत्र में तेल और गैस से जुड़े ढांचों को नष्ट कर सकता है।
आखिर क्यों अहम है खर्ग द्वीप:
खर्ग द्वीप पर हमला ऐसे समय में किया गया है जब अमेरिकी सेना ने 2,500 सैनिकों और एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप को मध्य पूर्व में तैनात करने का निर्देश दिया है। जेपी मॉर्गन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, खर्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। विशेषज्ञों की राय है कि यदि इस स्थल पर सीधा हमला होता है तो ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का एक बड़ा हिस्सा तत्काल प्रभावित हो सकता है। दरअसल, ईरान का लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी द्वीप से जहाजों में भरकर अन्य देशों को भेजा जाता है। ऐसे में यदि यहाँ स्थित ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया तो देश की तेल से होने वाली प्रमुख आय अचानक थम सकती है, जो अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डालने की आशंका उत्पन्न करता है।
फारस की खाड़ी में स्थित खर्ग द्वीप को ईरान की आर्थिक धुरी माना जाता है। यह द्वीप बुशेहर बंदरगाह से लगभग 55 किलोमीटर और ईरानी मुख्य भूमि से करीब 28 किलोमीटर (15 नॉटिकल मील) दूर है। 8 किलोमीटर लंबाई में फैला यह द्वीप देश के ऊर्जा निर्यात का प्रमुख केंद्र है, जहां से ईरान के कुल कच्चे तेल का लगभग 90 प्रतिशत निर्यात किया जाता है। डिफेंस विशेषज्ञ मियाद मलेकी के अनुसार, तेहरान की ऊर्जा से होने वाली सालाना 78 अरब डॉलर की आमदनी का बड़ा हिस्सा इसी स्थान से आता है। ऐसे में यदि ट्रंप ने इसे “क्राउन ज्वेल” कहा, तो यह बिल्कुल उपयुक्त बयान है।
खर्ग को “वर्जित द्वीप” के नाम से जाना जाता है, जिसकी सुरक्षा ईरान की शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा की जाती है। यह द्वीप सिर्फ तेल टर्मिनल तक सीमित नहीं है, बल्कि IRGC इसे खाड़ी क्षेत्र में एक सैन्य ठिकाने के रूप में उपयोग करता है। गार्ड की एक विशेष इकाई तेज गति वाली हमला नौकाओं का संचालन करती है, जो जहाज-रोधी मिसाइलों और समुद्री सुरंगों से सुसज्जित होती हैं।


